हमारे बारे में
गहराई वाली खबर। स्पष्टता वाले तथ्य। मकसद वाली पत्रकारिता।
Dcode एक स्वतंत्र समाचार मंच है, जो सशक्त पत्रकारिता, गहरे विश्लेषण और बेबाक सच के लिए समर्पित है।
हम कौन हैं
अंग्रेज़ी और हिंदी में एक साथ प्रकाशित Dcode राष्ट्रीय मामलों, भू-राजनीति, वित्त, कानून, जीवन और स्वास्थ्य, तथा मनोरंजन जैसे अहम क्षेत्रों की व्यापक कवरेज देता है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मुख्यालय वाला Dcode उन पाठकों के लिए भरोसेमंद ठिकाना है जो बड़े वैश्विक बदलावों और स्थानीय आर्थिक घटनाक्रमों पर स्पष्ट, आंकड़ों पर आधारित नज़रिया चाहते हैं।
हम क्या कवर करते हैं
- राष्ट्रीय
- विश्व
- वित्त
- कानून
- लाइफ
- मनोरंजन
संस्थापक
आलोक पांडेय
सिर्फ खबर मत बताइए। सुर्खियों से आगे जाइए और सच खोजिए।
लगभग 26 वर्षों की पत्रकारिता और कई प्रमुख न्यूज़ चैनलों में काम करने के बाद आलोक पांडेय एक सरल लेकिन दमदार विचार के साथ नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।
इन वर्षों में उन्होंने पत्रकारिता का बदलता चेहरा देखा है, ब्रेकिंग न्यूज़ और टीवी बहसों से लेकर तेज़ी से बदलते डिजिटल मीडिया तक। लेकिन एक बात हमेशा वही रही: लोगों को बताना कि असल में क्या हो रहा है। यह नया समाचार मंच उसी विश्वास से जन्मा है।
हमारा लक्ष्य शोर से आगे, सुर्खियों से आगे और स्पष्ट से आगे जाना है: कहानियों की पड़ताल करना, तथ्यों को परखना, कठिन सवाल पूछना और वह सामने लाना जो अक्सर सतह के नीचे छिपा रह जाता है।
और सबसे अहम, हम खबर को सरल और समझने योग्य बनाना चाहते हैं। क्योंकि हर कहानी की कई परतें हो सकती हैं, पर सच को समझना आम इंसान के लिए कभी कठिन नहीं होना चाहिए।
नया नज़रिया। एक स्पष्ट उद्देश्य: गहराई तक जाने वाली पत्रकारिता।
हम सिर्फ यह नहीं बताते कि क्या हुआ। हम बताते हैं कि उसका मतलब क्या है, वह क्यों हुआ, और कहानी के नीचे क्या छिपा है।
Dcode के पीछे के लोग
हमारी टीम और सलाहकार
अधिवक्ता | कानूनी विश्लेषक
निखिल राज तोलानी
निखिल राज तोलानी अधिवक्ता और कानूनी विश्लेषक हैं। उनका पेशेवर फोकस कानून, मुकदमेबाजी, संवैधानिक और कानूनी घटनाक्रम, तथा कानून और समाज के बदलते रिश्ते पर है।
वे मुकदमेबाजी और कानूनी शोध की व्यावहारिक समझ के साथ जटिल कानूनी मुद्दों, फैसलों और घटनाक्रमों का विश्लेषण सरल और संदर्भ सहित पेश करते हैं।
चैनल से जुड़े कानूनी विशेषज्ञ के रूप में निखिल अदालतों, कानून निर्माण, सार्वजनिक नीति और भारतीय कानूनी परिदृश्य के अहम घटनाक्रमों पर विश्लेषण, विशेषज्ञ टिप्पणी और संदर्भपूर्ण दृष्टिकोण देते हैं।
उनका उद्देश्य जटिल कानूनी घटनाक्रम और आम लोगों की समझ के बीच की दूरी को पाटना है: कानून क्या कहता है, उसका मतलब क्या है और उसका असर लोगों और समाज पर कैसे पड़ता है।
सलाहकार
डॉ. लोकेन्द्र गुप्ता
आपातकालीन चिकित्सा और ट्रॉमा केयर में नेतृत्व करते हुए मेरा काम उन व्यवस्थाओं को मजबूत करना रहा है जो हर सेकंड कीमती होने पर जान बचाती हैं।
मेदांता लखनऊ में इमरजेंसी मेडिसिन और ट्रॉमा केयर के निदेशक एवं प्रमुख, तथा SACTEM के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मैंने आपातकालीन देखभाल, सड़क सुरक्षा, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण और गोल्डन आवर ऑफ लाइफ पहल पर व्यापक काम किया है, और स्वास्थ्य, जन सुरक्षा और नीति के क्षेत्रों में मिलकर काम किया है।
Dcode में मैं उन मुद्दों पर चिकित्सा और जन-स्वास्थ्य का नज़रिया लाता हूँ जो लोगों के जीवन को छूते हैं, ताकि तथ्य और शोर में फर्क हो सके, जटिल स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में समझाई जा सके, और सुर्खी से आगे बढ़कर उसका असली असर समझा जा सके।
निदेशक, शोध
हेमंत पांडेय
हेमंत कुमार पांडेय का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक, पश्चिमी इतिहास में स्नातकोत्तर और पत्रकारिता एवं जनसंचार में एम.ए. किया है। भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उनकी विशेषज्ञता है।
उनके शोध का दायरा आर्थिक युद्ध, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, भू-रणनीतिक प्रभाव और खुफिया जानकारी जुटाने तक फैला है: रुझान, सिद्धांत, भविष्य के प्रभाव, साइबर युद्ध और पांचवीं पीढ़ी के जन-युद्धों को रोकने का सिद्धांत और व्यवहार।
आतंकवाद-रोधी और खुफिया विशेषज्ञ होने के साथ वे रणनीति निर्माण, रीयल-टाइम जानकारी से अंतर्दृष्टि, सामरिक निगरानी और कार्रवाई योग्य सुझावों के अनुभव वाले प्रतिष्ठित बिज़नेस कंसल्टेंट भी हैं। वे व्यापक सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन समाधानों के साथ एक खुफिया कवच उपलब्ध कराने में माहिर हैं।
निदेशक, प्रोडक्शन
हेमेन्द्र धर
हेमेन्द्र धर मीडिया प्रोफेशनल, कहानीकार और कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट हैं। रेडियो, ब्रॉडकास्ट, डिजिटल मीडिया, पॉडकास्ट, यूट्यूब, ओटीटी, जनसंपर्क और सामाजिक प्रभाव अभियानों में उनके दो दशक से अधिक के अनुभव हैं।
रेडियो से करियर शुरू करने के बाद उन्होंने प्रोग्रामिंग, कंटेंट रणनीति, टैलेंट ब्रांडिंग, कलाकारों के साथ सहयोग और एकीकृत मीडिया अभियानों में काम किया।
उनके काम में रेड एफएम का यूट्यूब चैनल, फूडट्रेल्स विद हेम जैसी पुरस्कृत पॉडकास्ट पहल, जन-जागरूकता अभियान, चुनाव संबंधी आउटरीच और सीएसआर पहलें शामिल हैं। उन्हें बेस्ट मॉर्निंग शो के लिए IRF अवार्ड और सीएसआर कम्युनिकेशन एक्सीलेंस के लिए गोल्डन माइक्स सिल्वर अवार्ड मिल चुका है।
लोगों पर केंद्रित पत्रकारिता के प्रति समर्पित हेमेन्द्र देशभर की आवाज़ों, विचारों और कहानियों को सामने लाना चाहते हैं, और विज़िटिंग फैकल्टी व वक्ता के रूप में उभरते संचारकों का मार्गदर्शन भी करते हैं।
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