गुरुग्राम, 22 अक्टूबर: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से हरियाणा के बड़े हिस्से में बिजली और पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। कर्मचारी उस नियामक आदेश का विरोध कर रहे हैं, जिसके तहत गुरुग्राम और नूंह में एक निजी कंपनी को बिजली वितरण की अनुमति मिली है।
क्या हुआ
– दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के कर्मचारियों ने बुधवार, 21 अक्टूबर की रात 10 बजे से काम बंद कर दिया।
– गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह में बिजली गुल रही। पहले 12 घंटे में बिजली विभाग को 3,000 से ज्यादा शिकायतें मिलीं।
– गुरुवार तक करीब 15 जिलों में कटौती की खबरें आईं। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, करनाल, पानीपत, रोहतक, कैथल, पंचकूला और अंबाला शामिल हैं।
– बिजली मंत्री अनिल विज के अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र में भी कटौती की खबर आई।
आम जनजीवन पर असर
– लंबी कटौती से घरों के इन्वर्टर खत्म हो गए और पानी की मोटरें बंद हो गईं। गुरुग्राम के निवासियों ने बताया कि टंकियां भरी हैं, लेकिन पानी घरों तक नहीं पहुंच रहा।
– वाई-फाई और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुईं। दफ्तरों के काम और छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ा।
– फरीदाबाद के NIT इलाके में बिजली-पानी न मिलने पर लोगों ने सड़क जाम कर दी।
– नूंह में पुन्हाना, नगीना और फिरोजपुर झिरका सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।
– गुरुग्राम की कई औद्योगिक इकाइयां ठप हो गईं। उद्यमियों ने करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई।
– जिला प्रशासन ने अस्पताल, पेयजल पंपिंग स्टेशन और मेट्रो रेल की बिजली सप्लाई जारी रखने के निर्देश दिए।
हड़ताल की वजह
– 19 अक्टूबर को हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने एलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह के लिए 25 साल का समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिया।
– यह हरियाणा का पहला समानांतर वितरण लाइसेंस है। इसके दायरे में 8.3 लाख से ज्यादा उपभोक्ता आते हैं।
– इस मॉडल में मौजूदा बिजली कंपनी अपने उपभोक्ताओं को सप्लाई देती रहेगी। नई कंपनी का नेटवर्क किसी इलाके में पहुंचने पर उपभोक्ता उसे चुन सकेंगे।
– कंपनी की योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच 4,717 करोड़ रुपये के निवेश की है। सप्लाई वित्त वर्ष 2027-28 से शुरू होने की उम्मीद है।
– हड़ताल का आह्वान हरियाणा विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने किया है। यह 24 अक्टूबर तक चलनी है।
– यूनियनें इसे बिजली वितरण का निजीकरण मानती हैं। उन्हें नौकरियां जाने और DHBVN के सबसे मुनाफे वाले उपभोक्ता हाथ से निकलने का डर है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और पृष्ठभूमि
– 19 अक्टूबर को अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार HERC के आदेश को अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) में चुनौती देगी।
– अगस्त में विज के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने तीन दिन की प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली थी। विज ने कहा था कि ऊर्जा विभाग ने शुरू से इस लाइसेंस का विरोध किया है और आवेदन सीधे स्वायत्त संस्था HERC को गया था।
– नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस लाइसेंस को निजीकरण की ओर कदम बताकर विरोध किया था। INLD ने कहा कि गुरुग्राम राजस्व वाला जिला है और इसे सार्वजनिक संपत्ति की लूट बताया।
– एलेवन पावर का कहना है कि इस आदेश से उपभोक्ताओं को बिजली वितरक चुनने का विकल्प मिलेगा। कंपनी ने सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिना भेदभाव सप्लाई का वादा किया है।
आगे क्या
– हड़ताल 24 अक्टूबर तक चलनी है। बिजली बहाली और सरकार-यूनियन की बातचीत पर नजर रहेगी।
– राज्य सरकार की APTEL में अपील अगला कानूनी कदम होगा।